
रिलायंस जियो के टेलीकॉम सेक्टर में कदम रखते ही एयरसेल जैसी टेलीकॉम कंपनियों को अपनी सर्विस बंद करनी पड़ी है।
नई दिल्ली (टेक डेस्क)।
रिलायंस जियो के देश में लॉन्च होने के बाद से कई टेलीकॉम कंपनियों को घाटा
उठाना पड़ा है। कई कंपनियां बंद हो गई तो कई कंपनियों का अधिग्रहण एयरटेल
जैसी बड़ी कंपनियों ने कर लिया। जबकि दो बड़े प्लेयर वोडाफोन और आइडिया को
आपस में मर्ज होने की नौबत तक आ गई।
एयरसेल के कर्मचारियों का बुरा हाल
रिलायंस जियो के आने से जिन दो बड़ी
कंपनियों को दिवालिया होना पड़ा है और अपनी सर्विस बंद करनी पड़ी है, वो
हैं रिलायंस कम्युनिकेशन और एयरसेल। इन कंपनियों के सर्विस बंद होने का असर
इनके यूजर्स के अलावा इन कंपनियों में काम कर रहे कर्मचारियों पर पड़ा है।
कई कर्मचारियों को अपनी नौकरी गवानी पड़ी है। कई कर्मचारी ऐसे हैं, जिनके
पास गुजारे के लिए पैसे भी नहीं हैं। एयरसेल में काम कर रहे ये कर्मचारी तो
अब शहर छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं।
नहीं है गुजारे के पैसे
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दिवालियो
घोषित हो चुकी कंपनी एयरसेल के 3,000 ऐसे कर्मचारी हैं, जिनको बीते तीन
महीने से सैलरी नहीं मिली है। इन कर्मचारियों के पास ना तो कोई काम है, ना
ही गुजारे के लिए पैसा बचा है। ये कर्मचारी एक-दूसरे के साथ रोजाना वक्त
गुजारते हैं, दूसरी कंपनियों में इंटरव्यू के लिए एक-दूसरे की मदद भी करते
हैं।
कम सैलरी पर काम करने को हैं मजबूर
एयरसेल में काम कर रहे ज्यादातर कर्मचारी
अन्य कंपनियों में करीब 25 प्रतिशत कम सैलरी पर काम करने के लिए मजबूर हैं।
कंपनी के कर्मचारियों को बिना सैलरी के और कम सैलरी के शहर में रहना दूभर
हो गया है। कंपनी के ज्यादातर ऑफिस बंद पड़ें हैं। मीडिया रिपोर्ट के
मुताबिक एयरसेल पर करीब 50,000 करोड़ रुपये का कर्ज है।
एयरसेल की सफाई
कर्मचारियों को तीन महीने से सैलरी नहीं
मिलने के सवाल पर कंपनी ने सफाई दी है कि पेरोल डिपार्टमेंट में स्टॉफ की
कमी के चलते कर्मचारियों को सैलरी नहीं दे पा रहे हैं। कंपनी ने कहा कि
कर्मचारियों को इस संबंध में 16 मई को एक लेटर भी भेजा गया है। कुछ
कर्मचारी सैलरी की आस में अभी तक कपंनी छोड़ के नहीं गए हैं। कुछ कर्मचारी
तो ये तक कह रहे हैं कि कंपनी उन्हें कम से कम फूड कूपन दें, ताकि वो इन
कूपन से खाने-पीने का सामान खरीद सकें।
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